Thursday, December 3, 2009

A SOCIAL HELTH MESSAGE FOR ALL

       A 21 year old guy, he used to wear a pair of contact lenses, during a barbecue party. While, barbecuing he stared at the fire charcoals continuously for 2-3 minutes. After a few minutes,  he started to scream for help and moved rapidly, jumping up and down. No one in the party knew why he was doing this ?    Then he was admitted into the Hospital, the doctor said he'll be blind permanently because of the contact lenses that he had worn.

        
Contact lenses are made by plastics, and the heat from the charcoal melted his contact lenses. DO NOT WEAR CONTACT LENSES WHERE OVERHEATING AND FLAMES ARE CONCERNED... ..OR WHILE COOKING...! Friends if u feel the information is important. Please pass this message to all your near & dear ones.

 

Saturday, November 21, 2009

E-BOOK Lehninger- Principles of Biochemistry





Product Description

Lehninger Principles of Biochemistry, Fourth Edition brings clarity and coherence to an often unwieldy discipline, while incorporating the field's most important recent developments and applications.

Friday, November 20, 2009

FACE THE SITUATION

एक दिन एक कुत्ता जंगल मैं रास्ता खो गया .

तभी उसने देखा एक शेर उसकी तरफ़ आ रहा है .

कुत्ते की साँस रूख गई .. "आज तो काम तमाम मेरा ! " उसने सोचा । फिर उसने सामने कुछ सूखी हड्डियाँ पड़ी देखी । वो आते हुए शेर की तरफ़ पीठ कर के बैठ गया और एक सूखी हड्डी को चूसने लगा और ज़ोर जोर से बोलने लगा , "वह ! शेर को खाने का मज़ा ही कुछ और है . एक और मिल जाए तो पूरी दावत हो जाएगी !"

और उसने ज़ोर से डकार मारा . इस बार शेर सकते में आ गया . उसने सोचा "ये कुत्ता तो शेर का शिकार करता है ! जान बचा करा भागो !" और शेर वहां से चम्पत हो गया .

पेड़ पर बैठा एक बंदर यह सब तमाशा देख रहा था ।


उसने सोचा यह मौका अच्छा है शेर को सारी कहानी बता देता हूँ - शेर से दोस्ती हो जाएगी और उससे ज़िन्दगी भर के लिए जान का खतरा दूर हो जाएगा . वो फटाफट शेर के पीछे भगा . कुत्ते ने बन्दर को जाते हुए देख लिया और समझ गया की कोई गड़बड़ है . उधर बन्दर ने शेर को सब बता दिया की कैसे
कुत्ते ने उसे बेवक़ूफ़ बनाया है .


शेर ज़ोर से दहाड़ा , "चल मेरे साथ अभी उसकी लीला ख़तम करता हूँ " और बन्दर को अपनी पीठ पर बैठा कर शेर कुत्ते की तरफ़ लपका ।

Can u imagine the quick management by the DOG...


कुत्ते ने शेर को आते देखा तो एक बार फिर उसकी तरफ़ पीठ करके बैठ गया और ज़ोर ज़ोर से बोलने लगा , "इस बन्दर को भेजे हुए 1 घंटा हो गया , साला एक शेर फाँस कर नही ला सकता !"

Moral of the story : FACE THE SITUATION......!

Thursday, November 19, 2009

क्या खोया है, क्या पाया है, आज तुम्हें बतलाते हैं

क्या खोया है, क्या पाया है,
आज तुम्हें बतलाते हैं
आओ साथियों, देशवासियो,
भारत तुम्हें दिखाते हैं ॥
जिस गौ को गौमाता कहकर,
गाँधी सेवा करते थे
जिसके उर में सभी देवता,
वास हमेशा करते थे
हिन्द भले ही मुक्त हुआ हो,
गौमाता बेहाल अभी
कटती गऊएँ किसे पुकारें,
उनके सर है काल अभी
गौमाता की शोणित-बूँदें,
जब धरती पर गिरती हैं
तब आज़ादी की व्याख्याएँ,
ज्यों आरी से चिरती हैं
गौ भारत का जीवन-धन है,
हिन्दू चिन्तन की धारा
गौमाता को जो काटे, वह
है माता का हत्यारा
कृष्ण कन्हैया की गऊओं की
गाथा करुण सुनाते हैं
कया खोया है, क्या पाया है
आज तुम्हें बतलाते हैं ॥
हिन्द देश की भाषा हिन्दी
संविधान में माता है
मैकाले की अँग्रेजी से
भारत जाना जाता हैं
राजघाट से राजपाट तक
अँग्रेजी की धूम बड़ी
औ’ हिन्दी, झोपड़-पटटी में
कैसी है मजबूर खड़ी
न्यायालय से अस्पताल तक
भाषा अब अँग्रेजी है
हिन्दी संविधान में बन्दी
रानी अब अँग्रेजी है
मन्त्री जी से सन्त्री जी तक
बोलें सब अँग्रेजी में
हर काँलिज, हर विद्यालय में
डोंलें सब अँग्रेजी में
अपनी भाषा हिन्दी से हम
क्यों इतना कतराते हैं
क्या खोया है, क्या पाया है
आज तुम्हें बतलाते

Why go to Temple?

A Temple goer wrote a letter to the editor of a newspaper and
complained that it made no sense to go to Temple every day.
"I've gone for 30 years now," he wrote, "and in that time I have heard
something like 3,000 sermons. But for the life of me, I can't
remember a single one of them. So, I think I'm wasting my time and
the pastors are wasting theirs by giving sermons at all."

This started a real controversy in the "Letters to the Editor" column,
much to the delight of the editor. It went on for weeks until someone
wrote this clincher:

"I've been married for 30 years now. In that time my wife has cooked
some 32,000 meals. But, for the life of me, I cannot recall the
entire menu for a single one of those meals. But I do know this..
They all nourished me and gave me the strength I needed to do my work.
If my wife had not given me these meals, I would be physically dead
today. Likewise, if I had not gone to temple for nourishment, I would
be spiritually dead today!"
When you are DOWN to nothing...... God is UP to something!
Faith sees the invisible, believes the incredible and receives the impossible!
Thank God for our physical AND our spiritual nourishment!